प्रमुख सचिव मैडम ने अतिथि शिक्षकों को दी राहत कहा आइए मिलकर रास्ता निकलते हैं।

आज अतिथि शिक्षकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रमुख सचिव शिक्षा विभाग अरुण रश्मि शमी से मुलाकात की । बताया कि शाहजनी पार्क में सत्याग्रह कर रहे अतिथि शिक्षकों का सत्याग्रह 67 दिन से चल रहा है । सरकार के वचन पत्र पर अब कोई रास्ता निकालकर नियमितीकरण पर विचार किया जाये । जिस पर उनके द्वारा गंभीरता के साथ कहा गया है कि संयुक्त बैठक बुलाकर आपकी मांगों पर गहनता से विचार किया जायेगा । इसकी सूचना प्रमुख सचिव कार्यालय के द्वारा अतिथि शिक्षको को समय पर दे दी जायेगी ।

अतिथि शिक्षकों ने प्रमुख सचिव से अपने दुखड़े सुनाते हुए बताया है कि मध्यप्रदेश के समस्त शासकीय विद्यालयों में विगत 12 वर्षों से लगभग 80 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं . और लगभग इतनी तादात में काम से बाहर कर दिये गये हैं । अतिथि शिक्षक प्रशिक्षित और अप्रशिक्षित दोनों कंडीशन में हैं । जिनकी रोजी रोटी की समस्याएं वर्षों से लंबित हैं । अतिथि शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए शिक्षा मंत्री , प्रमुख सचिव व अतिथि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर हमारी समस्याओं का स्थाई निराकरण जल्द से जल्द किया जाए ।

जिस पर अतिथि शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी के द्वारा कहा गया कि हम आपको जल्दी समय देंगे और आपकी संयक्त बैठक करवाकर आपकी समस्याओं को हम बारी – बारी से सुनेंगे व उनका निराकरण करने की पूरी कोशिश करेंगे । अतिथि शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष सुनील परिहार , आयुषी तिवारी , मयूरी चौरसिया , अनवर अहमद कुरेशी , देवेंद्र शाक्य अनीता श्रीवास्तव एवं रविकांत गुप्ता रहे । पी . डी . खैरवार संगठन के संस्थापक ने सभी अतिथि शिक्षकों को सत्याग्रह में दिन रात के लिए सामिल होने का आवाहन किया है । आज सत्याग्रह के सड़सठवां दिन भी पी . डी . खैरवार , नवीन शर्मा , जगदीश शास्त्री , अमित जावलकर , ठाकुर प्रसाद शर्मा , सुनील वर्मा , प्रवीण व्यास , शेखर मण्डलोई , द्वारका प्रसाद , संतोष आजाद , अनिता हरचंदानी , अजय तिवारी , सर्जन सिंह शिल्पकार ने किया ।

सत्याग्रही अतिथि शिक्षकों ने शपथ लेकर कहा है , कि हाल ही में होने जा रहे विधानसभा उप चुनावों में सत्तापक्ष को उसकी वादाखिलाफी को याद दिलाने का काम करेंगे । सड़सठ दिनों से जन सत्याग्रह कर रहे अतिथि शिक्षकों ने इस तरह का फैसला लेने को तब विवश हो गये , जब शिक्षामंत्री प्रभुराम चौधरी से 74 बंगले स्थित उनके बंगले में बुधवार 26 फरवरी को हुई लंबी चर्चा के बाद उनसे गोलमोल जवाब सुनकर अत्यंत दुखी मन से सत्याग्रह स्थल पर वापस हुए ।

अतिथि शिक्षक सत्याग्रही पी . डी . खैरवार ने इस आशय की जानकारी दी है , कि जौरा और आगरमालवा में बहुत जल्द ही विधानसभा उपचुनाव होने वाले हैं । जिन क्षेत्रों में अतिथि शिक्षक परिवार के उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाया जायेगा । चुनाव प्रचार प्रसार करने का एक मात्र मुद्दा वादाखिलाफी ही होगा । घर घर और हर मतदाता तक पहुंच बनाकर उन्हें वचन पत्र और उस पर सवार साल के चलते पालन कुछ बात की जायेगी । साथ में शासकीय स्कूलों और सार्वजनिक व्यवस्था पर सरकारों की होती जा रही खराब नीतियों और नीयत को उजागर किया जायेगा । जनमानस से संवाद में इस विषय को भी लाया जायेगा कि सरकार गरीब और मध्यम वर्ग का एक मात्र सहारा सरकारी जनहितैषी विभागों को ठेकेदारों , पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों के हाथों बेचने का काम धीरे – धीरे कर रही है । ताकि जनता की समझ में आसानी से नहीं आ पाये और एक दिन सारी सार्वजनिक सम्पत्ति का निजीकरण हो जाये । जिसका सीधा लाभ अमीर वर्ग और गैर लोकतांत्रिक विचारधारा से ग्रस्त राजनीतिक परिवारों को मिलेगा । सारे सरकारी विभाग और ढांचा पर इस बड़े वर्ग का स्ताई कब्जा हो जायेगा । इस नीति से अमीर और अधिक अमीर , गरीब और अधिक गरीब होता जायेगा ।

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