atithi shikshak niyamitikaran -कमलनाथ ने कहा पहली कैबिनेट बैठक में आपकी मांगों को पूरा करेंगे

atithi shikshak niyamitikaran दोस्तों बड़ी खबर निकल के सामने आ रही है कमलनाथ जी मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं उन्होंने अतिथि शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर एक बहुत विस्तृत चर्चा की है

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और नियमितीकरण में हो रही देरी पर उन्होंने माफी मांगी है उन्होंने संगठन को भरोसा दिलाया है उन्होंने कहा है कि प्रथम कैबिनेट बैठक में अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण पर फैसला कर लिया जाएगा और अतिथि शिक्षकों की जो भी मांगे हैं उनको पूरा किया जाएगा

atithi shikshak niyamitikaran

 atithi shikshak niyamitikaran उन्होंने संगठन को भरोसा दिलाया है कि अगर हमारी सरकार बनी तो पहली कैबिनेट बैठक में आपके मांगों का निराकरण किया जाएगा अतिथि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों की तरफ से कहा गया है कि अतिथि शिक्षकों को हर बार धोखे में रखा गया है और उनके साथ किसी भी सरकार ने न्याय नहीं उन्होंने कहा कि अगर सरकार वर्तमान में उन्हें नियमित कर देती हैं तो वह वर्तमान सरकार का समर्थन करेंगे अन्यथा अगर उन्हें उप चुनाव के पहले नियमित नहीं किया जाता है तो कांग्रेस सरकार का सपोर्ट करेंगे

अतिथि शिक्षक संघ की ओर से कहा गया है कि उनकी मांगों को सरकार जल्दी से जल्दी पूरा करें अन्यथा वह पिछली सरकार का समर्थन करेंगे क्योंकि वर्तमान सरकार ने उन्हें पहले 25% आरक्षण का लाभ दिया इसके अलावा और कोई उन्हें सुविधा नहीं दी गई है और इस सुविधा में भी उन्हें बाहर किया जा रहा है क्योंकि कई अतिथि शिक्षक ने नियमित डिग्री ली है अतिथि शिक्षक रहते हुए तो सरकार उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा रही है और नियमानुसार उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में रिजेक्ट किया जा रहा है

 अगर इसी प्रकार से अतिथि शिक्षकों की मांगों को  अनदेखा किया जाता रहेगा और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तो वर्तमान सरकार को सपोर्ट ना करके वह अगली सरकार जो कि कमलनाथ सरकार है उसको सपोर्ट करेंगे और इसको लेकर सभी संगठन पदाधिकारियों ने रणनीति बना ली है उन्होंने कहा है कि हम वर्तमान सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह जल्दी से जल्दी हमें नियमित करें हमारे नियमितीकरण की मांग को पूरा करें या हमारी विभागीय पात्रता परीक्षा को लेकर नियमितीकरण की नीति बनाए जिसके तहत सभी शिक्षकों का नियमितीकरणहो सकता है 

 अतिथि शिक्षकों की मांगों को प्रत्येक सरकार अनसुना करती रही है लगभग 13 वर्षों से अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं और हर बार चुनाव के समय मांग करते हैं कि उनको नियमित किया जाए लेकिन सरकारें चुनाव के समय उनसे वादा तो करती हैं लेकिन ना अब खत्म हो जाने के बाद अतिथि शिक्षक नाम की कोई चीज है या नाम का कोई होता है उसका नाम लेना भी पसंद नहीं करती हैं यहां पर देखना होगा कि क्या उपचुनाव से पहले वर्तमान सरकार अतिथि शिक्षकों को नियमित करेगी या नहीं करेगी

 और क्योंकि अगर वर्तमान सरकार नियमित नहीं करती है तो आने वाली अगली सरकार कौन सी होगी और क्या बोली शिक्षकों के नियमितीकरण कर पाएगी यह देखने वाली बात होगी

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