मध्यप्रदेश के सरकारी विद्यालयों में KG2 की कक्षाएं प्रारंभ होंगी। बढ़ेगी बच्चों की संख्या।

खंडवा जिले के मिडिल व प्राइमरी स्कूलों में प्री – प्राइमरी स्कूल खोले जाएंगे । यहां पर केजी – टू कक्षाएं शुरू की जाएंगी । इसमें 6 साल तक की उम्र के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा प्री – प्राइमरी स्कूलें खोलने का उद्देश्य प्राथमिक व माध्यमिक कक्षाओं विद्यार्थियों की संख्या और उनकी गुणवत्ता को बढ़ाना है । वर्तमान में आंगनबाड़ी मदरसों व नर्सरियों में 5 साल से अधिक उम्र के भी बच्चे हैं , जिन्हें प्राथमिक स्कूलों में होना चाहिए । सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में प्री – प्राइमरी स्कूल खोलने तैयारी कर ली है । स्कूल शिक्षा विभाग कलेक्टर के माध्यम से जिला शिक्षा स्त्रोत समन्वयक से ऐसे स्कूलों के प्रस्ताव हैं , जहां यह स्कूल खोले जाएंगे । प्रस्ताव तैयार करने से पहले प्राइमरी और मिडिल स्कूला के आसपास की बसाहटों स्कूल में उपलब्ध संसाधनों के आधार जिला स्तरीय रिपोर्ट तैयार की जाएगी ।

प्रस्ताव भेजने से पहले जिला शिक्षाधिकारी को यह बताना होगा कि जिन प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में प्री प्राइमरी स्कूल खोले जाएंगे , वहां 6 साल कम उम्र के बच्चों संख्या क्या है । अतिरिक्त कक्ष भवन शिक्षकों की संख्या कितनी है । बिजली , पानी है या , इन स्कूलों से आंगनबाड़ी केंद्रों की दूरी कितनी है । स्कूलों में बाउंड्रीवाल और बच्चों की सुरक्षा क्या इंतजाम हैं । अगर इनमें से कुछ संसाधन उपलब्ध नहीं तो उसकी व्यवस्था शुरू होने से पहले कर जाए । जिन स्कूलों में प्री प्राइमरी स्कूल खोलने अनुमति दी जाएगी . उन्हें प्रचार – प्रसार भी करना होगा ।

जिला स्रोत समन्वयक प्रभारी संजीव मंडलोई ने बताया वर्तमान में जिले के आंगनबाड़ी , मदरसों व नर्सरियों में छह साल तक के बच्चे भी हैं , जिन्हें प्राथमिक शाला में होना चाहिए । मेरी जिम्मेदारी कार्यक्रम के तहत ऐसे बच्चों को जिले के प्राइमरी स्कूलों तक लाना ही हमारा उद्देश्य । अगर ऐसे बच्चे प्री – प्राइमरी स्कूलों में आ जाएगे तो । प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ जाएगी ।

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