शिक्षकों को दिया जा रहा है अच्छे रिजल्ट का लक्ष्य , भरवाए जा रहे हैं वचन पत्र।

प्रदेश में 10 साल बाद 5वीं व 8वीं कक्षा की बोर्ड की तर्ज पर वार्षिक परीक्षा ली जा रही है । विद्यार्थी परीक्षा में फेलन हो इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं और स्कूलों को 90 फीसदी से अधिक रिजल्ट लाने के लिए लक्ष्य भी दिया है । इस संबंध में शिक्षकों से वचन पत्र भी भरवाया जा रहा है । राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से तिमाही परीक्षा के रिजल्ट की समीक्षा में पाया गया कि स्कूलों का रिजल्ट 58 फीसदी रहा । राज्य शिक्षा केंद्र हर दिन शिक्षकों को नए – नए निर्देश जारी कर कोर्स पूरा करने , रिवीजन कराने के लिए कहा है । ज्ञात हो कि प्रदेश के सवा लाख प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में से करीब 60 हजार से अधिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी है । वहीं 22 हजार से अधिक शासकीय माध्यमिक स्कूलों में एक ही शिक्षक के भरोसे चल रहा है । कुछ स्कूलों में पहली से आठवीं नक का कक्षाएं एक या दो शिक्षक ले रहे हैं । अब ऐसे में शिक्षकों को लक्ष्य देकर वचन पर भरवाया जा रहा है । वही शिक्षकों का कहना है कि एक साथ तीन कक्षाएं संभालनी होती हैं , ऐसे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होरही है ।

वचनपत्र में देनी होगी ये जानकारी मैं अपनी शाला में दर्ज पूरे बच्चों को वार्षिक परीक्षा में शामिल कराकर कुल 80 से 90 फीसदी परीक्षा परिणाम लाने के लिए वचन देता हूं । मैं यह परीक्षा परिणाम लाने के लिए स्टॉफ सहित पूरी ईमानदारी से मेहनत करूंगा । अगर उक्त परिणाम लाने में असफल रहा मेरे विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुरूप कार्रवाई के लिए उत्तरदायी रहूंगा । इस वचन पत्र में शिक्षक के हस्ताक्षर नाम मूल पद और मोबाइल नंबर अंकित किया गया है । अगर 80 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम रहता है तो इसके कारण भी बताने होंगे । इस वचन पत्र को भरकर

जिला परियोजना समन्वयक के पास जमा करनाहोगा ।

प्री – बोर्ड परीक्षाकेबाद प्रश्नपत्रहल कराने के निर्देश : प्रदेश के प्राथमिकव माध्यमिकस्कूलों में इन दिनों 5वींव8वीं कक्षाओं की प्री – बोर्ड परीक्षाएं चल रही है । राज्य शिक्षा केंद्र ने 5वीं – 8वीं कक्षा के बच्चों को प्री – बोर्ड परीक्षा के बाद प्रश्नपत्रों को हल कराने के निर्देश दिए हैं । इसके तहत प्री – बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद स्कूल में ही शिक्षकों को प्रश्नपत्र हलकरा रहे हैं । इससे शिक्षकों को बच्चों द्वारा की गई गलतियों को सुधार कर समझा रहे हैं । सभी स्कलों में परीक्षा होने के बाद शिक्षको द्वारा बच्चों से प्रश्नपत्र हल कराए जा रहे है . ताकि बच्चा को वार्षिक परीक्षा की तैयारी कराई जा सके।

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