CPCT_Hindi_17th_October_2021_Shift_1 paper typing test

  

hello doston ye hai 17  oct 2021 ka cpct hindi ka  paper

 Computer Proficiency Certification Test Notations : 1.Options shown in green color and with icon are correct. 2.Options shown in red color and with icon are incorrect. Question Paper Name : REMINGTON GAIL 17th October 2021 Shift 1 Subject Name : Remington GAIL Creation Date : 2021-10-17 14:28:41 Duration : 25 Calculator : None Magnifying Glass Required? : No Ruler Required? : No Eraser Required? : No Scratch Pad Required? : No Rough Sketch/Notepad Required? : No Protractor Required? : No Show Watermark on Console? : No Highlighter : No Auto Save on Console? ( SA type of questions will be always auto saved ) : Yes Mock Group Number : 1 Group Id : 2549892938 Group Maximum Duration : 10 Group Minimum Duration : 10 Show Attended Group? : No Edit Attended Group? : No Break time : 1 Mandatory Break time : Yes Group Marks : 0 Is this Group for Examiner? : No Hindi Mock Section Id : 2549894578 Section Number : 1 Section type : Typing Test 10/25/21, 11:41 AM  Mandatory or Optional : Mandatory Number of Questions : 1 Number of Questions to be attempted : 1 Section Marks : 0 Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes Sub-Section Number : 1 Sub-Section Id : 2549894619 Question Shuffling Allowed : No

 Question Number : 1 Question Id : 25498941838 Question Type : TYPING TEST एक बार की बात है, अकबर और बीरबल शिकार पर जा रहे थे। अभी कुछ समय हुआ था कि उन्हें एक हिरण दिखा। जल्दबाजी में तीर निकलते हुए अकबर अपने हाथ पर घाव लगा बैठा। अब हालात कुछ ऐसे थे कि अकबर बहुत दर्द में था और गुस्से में भी।

 Restricted/ Unrestricted : Unrestricted Paragraph Display : Yes Evaluation Mode : Non Standard Keyboard Layout : Remington Show Details Panel : Yes Show Error Count : Yes Highlight Correct or Incorrect Words : Yes Allow Back Space : Yes Show Back Space Count : Yes Actual Group Number : 2 Group Id : 2549892939 Group Maximum Duration : 15 Group Minimum Duration : 15 Show Attended Group? : No Edit Attended Group? : No Break time : 0 Group Marks : 0 Is this Group for Examiner? : No Hindi Typing Test Section Id : 2549894579 Section Number : 1 Section type : Typing Test Mandatory or Optional : Mandatory Number of Questions : 1 10/25/21, 11:41 AM  Number of Questions to be attempted : 1 Section Marks : 0 Enable Mark as Answered Mark for Review and Clear Response : Yes Sub-Section Number : 1 Sub-Section Id : 2549894620 Question Shuffling Allowed : No Question Number : 2 Question Id : 25498941839


 Question Type : TYPING TEST कंबन, तमिल भाषा के ग्रंथ कंबरामायण के रचियता थे। इनका जन्म तमिलनाडु के चोल राज्य में तिरुवलुंपूर नामक गांव में हुआ था। कंबन वैष्णव थे। उनके समय तक बारह प्रमुख आलवार हो चुके थे और भक्ति तथा प्रपति का शास्त्रीय विवेचन करने वाले यामुन, रामानुज आदि की परंपरा भी आरम्भ हो चुकी थी। कंबरामायण का प्रचार-प्रसार केवल तमिलनाडु में ही नहीं, हीं उसके बाहर भी हुआ। यह तमिल साहित्य की कृति एवं एक बृहत ग्रंथ है। जनश्रुति के अनुसार कंबन का जन्म ईसा की नवीं शताब्दी में हुआ था। कुछ इनका समय बारहवीं शताब्दी और कुछ नवीं शताब्दी मानते हैं। कंबन के वास्तविक नाम का पता नहीं है। कंबन उनका उपनाम था। इनके माता-पिता का उनकी बाल्यावस्था में ही देहांत हो गया। अनाथ बालक को पालने वाला कोई नहीं था। अर्काट जिले के सदैयप्प वल्लल नामक धनी किसान ने अपने बच्चों की देख-रेख के काम के लिए अपने घर में रख लिया। जब उन्होंनेन्हों नेदेखा कि उनके बच्चों के साथ कंबन भी अध्ययन में रुचि लेने लगा है तो सदैयप्प वल्लल ने कंबन की शिक्षा का भी पूरा प्रबंध कर दिया। इस प्रकार कंबन को शिक्षा प्राप्त हुई और उनके अंदर से काव्य की प्रतिभा प्रस्फुटित हो गई। कंबरामायण तमिल साहित्य की कृति एवं एक बृहत ग्रंथ है और इसके रचयिता कंबन कविचक्रवर्ती की उपाधि से विभूषित हुए। इस ग्रंथ में छ: कांडों का विस्तार इसमें मिलता है। इससे संबंधित एक उत्तरकाण्ड भी प्राप्त है, जिसके रचयिता कंबन के समसामयिक एक अन्य महाकवि माने जाते हैं। पौराणिकों के कारण कंबरामायण में अनेक प्रक्षेप भी आ गए हैं, किंतु इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है, क्योंकिक्यों कंबन की सशक्त भाषा और विलक्षण प्रतिपादन शैली का अनुकरण शक्य नहीं है। कंबरामायण का कथानक वाल्मीकि रामायण से लिया गया है, परंतु कंबन ने मूल रामायण का अनुवाद अथवा छायानुवाद न करके, अपनी दृष्टि और मान्यता के अनुसार घटनाओं में कई परिवर्तन किए हैं। विविध परिस्थितियों के प्रस्तुतीकरण, घटनाओं के चित्रण, पात्रों के संवाद, प्राकृतिक दृश्यों के उपस्थापन तथा पात्रों की मनोभावनाओं की अभिव्यक्ति में पदे-पदे मौलिकता मिलती है। तमिल भाषा की अभिव्यक्ति और संप्रेषणीयता को सशक्त बनाने के लिए भी कवि ने अनेक नए प्रयोग किए हैं। छंदोविधान, अलंकार प्रयोग तथा शब्द नियोजन के माध्यम से कंबन ने अनुपम सौंदसौं र्य की सृष्टि की है। सीता राम का विवाह, शूर्पणखा प्रसंग, बालि वध, हनुमान द्वारा सीता संदर्शन, मेघनाद वध, राम-रावण सं संग्राम आदि प्रसंग अपने-अपने काव्यात्मक सौंदसौं र्य के कारण विशेष आकर्षक हैं। प्रत्येक प्रसंग अपने में पूर्ण है और नाटकीयता से ओतप्रोत है। घटनाओं के विकास के सुनिश्चित क्रम हैं। प्रत्येक घटना आरंभ, विकास और परिसमाप्ति में एक विशिष्ट शिल्प विधान लेकर सामने आती है। वाल्मीकि ने राम के रूप में पुरुष पुरातन का नहीं, हीं अपितु महामानव का चित्र उपस्थित किया था, जबकि कंबन ने अपने युगादर्श के अनुरूप राम को परमात्मा के अवतार के साथ आदर्श महामानव के रूप में भी प्रतिष्ठित किया। वैष्णव भक्ति तत्कालीन मान्यताओं और जनता की भक्तिपूत भावनाओं से संयुक्त रहकर इस महाकवि ने राम के चरित्र को महत्तापूरित एवं परमपूर्णत्व समन्वित आयामों में प्रस्तुत किया जो सहज ग्राह्य होते हुए भी अकल्पनीय रूप से मनोहर किंवा मनोरम था। 


Restricted/ Unrestricted : Unrestricted Paragraph Display : Yes Evaluation Mode : Non Standard Keyboard Layout : Remington Show Details Panel : Yes Show Error Count : Yes Highlight Correct or Incorrect Words : Yes 10/25/21, 11:41 AM  Allow Back Space : Yes Show Back Space Count : Yes

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CPCT_Hindi_17th_October_2021_Shift_1 paper typing test CPCT_Hindi_17th_October_2021_Shift_1  paper typing test Reviewed by Zztech on नवंबर 22, 2021 Rating: 5

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