GF+Regular B.ed -अपात्रता का कमजोर कारण।

स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से 23 जून 2020 को जारी एक आदेश हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए रोजगार का संकट लेकर आया है । उसमें लिखा कि एक ही सत्र में अतिथि शिक्षक के रूप में पढ़ाने वाले और उसी साल नियमित रूप से बीएड करने वालों के आवेदन को मान्य नहीं किया जाएगा । इस आदेश के कारण दस्तावेज सत्यापन के समय अतिथि विद्वानों को चयन प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है । आयुक्त लोक शिक्षण का मानना है कि एक ही सत्र में दो डिग्री करने वालों का आवेदन मान्य नहीं होना चाहिए । इस एक आदेश ने सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले हजारों नौजवानों को परेशान कर दिया है । ये वो अतिथि शिक्षक हैं , जो कई सालों से सरकारी स्कूलों में अल्प मानदेय पर पढ़ा रहे थे और साथ में संविदा शाला पात्रता परीक्षा की भी तैयारी कर रहे इसकी मेरिट में आने वालों के दस्तावेज सत्यापन की पक्रिया शुरू हो गई । लेकिन ये उम्मीदवार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दस्तावेज लेकर पहुंच रहे तो केवल एक आदेश के चलते बैरंग वापिस लौटा दिया जा रहा है । शुरूआत तो किसी को कुछ नहीं बताया कि ऐसा क्यों हो रहा है ? लेकिन जब एक के बाद एक अतिथि शिक्षक को लौटाया गया तो हंगामा होने लगा । तब इन्हें बताया गया कि लोक शिक्षण संचालनालय की तरफ से जारी किए गए आदेश के कारण ऐसा हो रहा है । अफसरों का कहना है कि एक ही साल में यदि नियमित कोई बीएड करता तो उसने जरूरी फर्जीवाड़ा किया है ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर उन्हें नहीं दे सकते हैं

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भर्ती आदेश में ऐसे प्रतिबंध का कहीं कोई उल्लेख नहीं है । लेकिन अब अचानक एक आदेश जारी करके हमको प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है । निशा रावत , पीड़ित उम्मीवार

शासन का आदेश है कि जिन लोगों ने अतिथि शिक्षक रहते हुए नियमित बीएड किया है , उन्हें चयन प्रक्रिया से बाहर करना है । इसमें हम कुछ नहीं कर सकते । राजीव सिंह तोमर , संयुक्त संचालक , भोपाल संभाग लोक शिक्षण

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