Mp obc reservation -27 नहीं अब इतने प्रतिशत रहेगा

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग ( ओबीसी ) के लिए 14 फीसद से अधिक आरक्षण पर पूर्व में लगाई रोक बरकरार रखी है । प्रशासनिक न्यायाधीश संजय यादव व जस्टिस बीके श्रीवास्तव की युगलपीठ ने राज्य शासन इस शर्त चयन प्रक्रिया जारी रखने अनुमति दी है कि शिक्षक प्रक्रिया अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा । मामले अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी । जबलपुर निवासी छात्रा आकांक्षा दुबे सहित अन्य की ओर राज्य सरकार आठ मार्च 2019 को जारी संशोधन अध्यादेश को चुनौती दी गई है । कहा गया कि संशोधन के कारण ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़कर 27 फीसद गया , जिससे कुल आरक्षण का प्रतिशत 50 से बढ़कर 63 हो गया है , जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत किसी भी सूरत में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं किया जा सकता । राजस्थान निवासी शांतिलाल जोशी सहित पांच छात्रों ने एक अन्य याचिका में कहा कि 28 अगस्त 2018 को मप्र सरकार 15000 उच्च माध्यमिक स्कूल शिक्षकों के लिए विज्ञापन प्रकाशित कर भर्ती परीक्षा कराई । 20 जनवरी 2020 को सरकार ने इन पदों में 27 फीसद ओबीसी आरक्षण लागू करने की नियम निर्देशिका जारी कर दी । याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने दलील दी कि भर्ती प्रक्रिया 2018 में आरंभ हुई , लेकिन राज्य सरकार ने 2019 का अध्यादेश इसमें लागू किया । यह अनुचित है

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