तीन बार परीक्षा में फैल होने पर बाहर हो जाएंगे शिक्षक । अप्रैल में होगा एग्जाम।

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी अब परीक्षा पास करना होगी । परीक्षा में पास होने के बाद ही इन्हें इंजीनियरिंग कॉलेजों पढ़ाने के योग्य माना जाएगा । हालांकि इसके लिए इन शिक्षकों को तीन मौके दिए जाएंगे । मौकों के बाद भी अगर शिक्षक परीक्षा में पास नहीं हो पाते हैं , तो इन्हें अयोग्य मान लिया जाएगा । इसके बाद ये शिक्षक कभी भी इंजीनियरिंग कॉलेजों में नहीं पढ़ा पाएंगे । परीक्षा म पास होने के लिए इन शिक्षका को 50 फीसदी अंक लाना होंगे । प्रदेश सहित देशभर के इंजीनियरिण कॉलेजों की गुणवत्ता गिर रही है इसके चलते ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन ( एआईसीटीई ) ने कॉलेजों में पढ़ाने वाले असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के साथ प्रोफेसरों के लिए ट्रेनिंग और परीक्षा अनिवार्य की है । इसमें सरकारी के साथ ही निजी कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षक भी परीक्षा ली जाएगी । इस परीक्षा में शामिल हैं । ट्रेनिंग के बाद इनकी की शिक्षकों को 50 फीसदी अंक लाना होंगे । इससे कम अंक लाने वाले शिक्षकों को पास होने के लिए दो और मौके दिए जाएंगे । गौरतलब है कि आरजीपीवी ने चार साल पहले भी इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढाने वालों की ऑनलाइन परीक्षा ली थी । इस परीक्षा में 80 फीसदी शिक्षक फेल हो गए थे । परीक्षा में शिक्षकों के फेल हो जाने के बाद इस प्रक्रिया को आरजीपीवी ने बंद कर दिया था । इसके बाद आरजीपीवी दोबारा इस . प्रक्रिया को शुरू कर रहा है ।

इस परीक्षा का कार्यक्रम एआईसीटी द्वारा जारी किया जाएगा । इसके बाद यह परीक्षा साल में चार बार होगी । आरजीपीवी इस परीक्षा को । अप्रैल में करा सकता है । एआईसीटीई इस परीक्षा की पहली तारीख इसी महीने जारी कर सकता है । इसके बाद देशभर के तकनीकी विश्वविद्यालयों को यह एग्जाम कराना होगा । आरजीपीवी से संबद्ध इजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या करीब 15 हजार है । इन सभी शिक्षकों का प्रशिक्षण भी होगा । इनका ऑनलाइन प्रशिक्षण आरजीपीवी लेगा । इस प्रशिक्षण के बाद इनकी परीक्षा होगी । आरजीपीवी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है ।

इस परीक्षा का कार्यक्रम एआईसीटीई द्वारा इसी महीने जारी किया जा सकता है । आरजीपीवी अप्रैल में शिक्षकों की परीक्षा कराएगा । यह एग्जाम पूरी तरह से ऑनलाइन होगा । डॉ . सुनील कुमार , कुलपति , आरजीपीवी

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