नए शिक्षा मंत्री -अतीथि शिक्षक और शिक्षक भर्ती को लेकर CM से करेंगे बातचीत

मध्य प्रदेश के नए स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार जी ने अपना कार्यभार संभाल लिया है

उनके सामने स्कूल शिक्षा विभाग को लेकर कई नई चुनौतियां हैं कई चुनौतियां ऐसी है जो बहुत पहले समय से चली आ रही है जिनको कई शिक्षा मंत्री आए और गए लेकिन उनको हाल नहीं कर पाए ऐसे में उपचुनाव से पहले कई ऐसी चुनौतियां हैं जिनको अगर वो पूर्ण करते हैं तो उपचुनाव में उनको बहुत ही बड़ा लाभ होने वाला है

लंबे समय से अटकी पड़ी अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को अगर वह पूरा करते हैं तो उन्हें आने वाले उपचुनाव में बहुत बड़ा सपोर्ट अतीथि शिक्षकों की तरफ से मिलने वाला है

इसके अतिरिक्त शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी तथा प्रक्रिया में हो रही खामियों को दूर करना तथा बहुत ही ट्रांसपेरेंसी के साथ भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उनके लिए एक प्रमुख चुनौती होगी मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा की तिथि लगातार आगे बढ़ रही है उसको समय पर कराना तथा प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाकर भर्ती को अंजाम तक पहुंचाना यह भी उनके लिए एक बहुत बड़ी चुनौती रहेगी

आइए देखते हैं स्कूल शिक्षा मंत्री के एक समाचार पत्र से बातचीत के दौरान प्रमुख चुनौतियों के बारे में दिए गए कुछ वक्तव्य

स्कूल शिक्षा मंत्री जी के अनुरूप की बात करें तो यह चिकित्सा शिक्षा सलाहकार समिति के सदस्य रह चुके हैं

प्रमुख चुनौतियां

इनके सामने प्रमुख चुनाव के रहेगी मुख्यमंत्री जी की पूर्व घोषणा के अनुसार 60000 शिक्षकों की भर्ती करना

अतिथि शिक्षकों एवं नियमित शिक्षकों की नियुक्ति करना लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे अतिथि शिक्षकों को नियमित कराना

स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को सही करना उसमें सुधार लाना

सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवता को बढ़ाना मेरी प्राथमिकता होगी।प्रदेश में अभीभी साक्षरता दर 72 से 74 प्रतिशत है । अतिथि शिक्षकों और शिक्षकों की भर्ती को लेकर सीएम से चर्चा कर निर्णयलेंगे ।

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