94 हजार माध्यमिक शालाओं में सदस्य नियुक्त पर शिक्षक न के बराबर।

प्रदेश की 94 हजार शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में नवगठित शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने भी अपनी अपनी शाला को उत्कृष्ट बनाने की शपथ ग्रहण की । डॉ . चौधरी ने शाला प्रबंधन समितियों के सदस्यों से कहा कि शालाओं में ऐसा माहील बनायें , जिससे बच्चे शाला में आने और पढ़ने के लिये लालायित रहे । बच्चों को पढाई के साथ – साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिये भी तैयार करें । शाला छोड़ चुके बच्चों को फिर से शाला में लाने की हर संभव कोशिश करें ।

मगर शालाओं में माध्यमिक एवम प्राथमिक शिक्षकों की कमी लगातार बनी हुई है ओर सरकार के द्वारा गुणवत्ता पूर्ण शिक्षको की भर्ती पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ।

इन समितिया का कार्यकाल2 वर्ष का रहेगा समितियों का गठन शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत किया गया है ।

शाला प्रबंधन समितियों का गठन विशेष नवाचार के अन्तर्गत किया गया है । ये समितियां 18 सदस्यीय है इनमें 14 सदस्य विद्यार्थियों के पालक अभिभावक हैं सदस्य स्थानीय जन – प्रतिनिधि है । शाला प्रधान पाठक को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है तथा सबसे वरिष्ठ महिला शिक्षकको समिति में सदस्य मनोनीत किया गया है ।

परंतु इन सब प्रयासों के बाद भी शिक्षा की गुणवत्ता को विना पर्याप्त शिक्षकों के ठीक करना सम्भव नहीं है।

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