हाइकोर्ट में विज्ञान के अभ्यर्थियों की बड़ी जीत -एफिडेविट में कमजोर तर्क से निर्णय पक्ष में।

माध्यमिक शिक्षक भर्ती में विज्ञान विषय के अभ्यर्थियों के साथ हुए अन्याय के विरुद्ध सुशील मेहरा जी के द्वारा लगाए गए केस में आज सुनवाई हुई जिसमें न्यायालय में DPI के द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र को प्रस्तुत किया गया प्रस्तुत शपथ पत्र में dpi की तरफ से ये जबाब दिया गया है कि गणित बाला स्नातक स्तर पर रसायन शास्त्र का अध्ययन करता है इसलिए वह विज्ञान पड़ा सकता है जो कि पूर्णतः तर्कहीन है ।

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क्योंकि गणित विषय से अध्ययन के दौरान स्नातक स्तर पर सिर्फ रसायन एक वैकल्पिक विषय है , और अन्य विषयों का अध्ययन भी इस दौरान किया जाता है जैसे कंप्यूटर विज्ञान , physics तथा अन्य कई वैकल्पिक विषय और इनका अध्ययन जीव विज्ञान से स्नातक करने बाला छात्र भी करता है।

अतः ये पूर्ण रूप से तर्कहीन बात है की गणित बाला विज्ञान पड़ा देगा या विज्ञान बाल गणित पड़ा देगा ।

क्योकी RTE अधिनियम में सयुंक रूप से गणित के साथ विज्ञान को प्रथम स्थान पर रखा गया है और इस आधार पर विज्ञान के मात्र 50 पदों में वृद्धि निश्चित रूप से हो सकती है।

अब अगली सुनवाई की ओर समस्त विज्ञान के अभ्यर्थी आस लागये हुए देख रहें हैं।

1 thought on “हाइकोर्ट में विज्ञान के अभ्यर्थियों की बड़ी जीत -एफिडेविट में कमजोर तर्क से निर्णय पक्ष में।”

  1. Dhaniram Kushwaha

    Guruji Official को भी हार्दिक बधाई जिसके कारण मैं सुशील जी से जुड़ पाया औऱ आपकी वेबसाइट से सही जानकारी प्राप्त कर पाया, Thanks again

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