20 हजार पदों पर होगी प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति।मांगी बच्चों की जानकारी।

प्रोफेशनल एग्जाम बोर्ड अप्रैल माह में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा आयोजित करेगा । करीब 20 हजार पदों पर यह भर्तियां हो रही है । हालाकि बोर्ड का कहना है कि अभी पदों की गणना विभाग द्वारा उनके पास नहीं भेजी गई है । इसके लिए बातचीत का दौर चल रहा है । इधर जो उम्मीदवार माध्यमिक शिक्षक परीक्षा में चयनित हुए है , उन्होंने शतं के अनुसार पदों का सृजन न करने का आरोप लगाया है । एग्जाम बोर्ड के कंट्रोलर एकेएस भदौरिया कहते है कि 25 अप्रैल को यह परीक्षा आयोजित की जा रही है । इसकी तैयारियां चल रही है । श्री भदौरिया का कहना है कि इस परीक्षा में अभ्यार्थियों ज्यादा संख्या होने का अनुमान है । इस कारण केन्द्र निर्धारण में भी वृद्धि की जा रही है । भदौरिया का कहना है कि अप्रैल माह में भीषण गर्मी पड़ने के आसार है । इस वजह से सभी केन्द्रों पर बेहतर पानी के अलावा परीक्षार्थियों को गर्मी से राहत देने के इंतजाम किए जा रहे हैं । इधर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा परीक्षा में जिन केन्द्रों पर पीईबी ने अमुविधाएं पाई थीं यहां प्राथमिक शिक्षक परीक्षा कराने पर संशय दिख रहा है क्योंकि इस मामले में केन्द्र व्यवस्था देखने वाली एजेंसी पर पीईबी कार्यवाही कर चुका है पदों में इधर माध्यमिक शिक्षक परीक्षा चयनित उम्मीदवारों पदों कटौती के आरोप लगाये हैं । अभ्यार्थियों का कहना है कि हिंदी और संस्कृत विषय के पद प्रदेश में हजारों की संख्या में खाली पड़े हुए है । प्रदेश में इन भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार हमेशा से बड़े दावे करती आई है । अनेक आयोजनों पर करोड़ों रुपये भी खर्च हुए , लेकिन बिना शिक्षकों के ही इन विषयों की पढ़ाई होती रही है । संपन्न चुकी परीक्षा में जितने पद बताये गये थे । उतने पदों पर विभाग भर्तियां नहीं कर रहा है । यह चयनित युवाओं के बल अन्याय है । जबकि कई साल गुजरने के बाद यह परीक्षा करबाई गई है ।

शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने प्रदे प्राथमिक स्कूलों में दर्ज बच्चों के नामंकन की जानकारी मांगी है । वर की दर्ज संख्या का परीक्षण करने के बाद ही विभाग पीईबी को पदों संख्या भेजेगा । अधिकारियों का कहना है कि आरटीई के मान से शाला मशिक्षकों की पदस्थापना करने का प्रावधान है । अब राज्य में कई ऐसे हैं , जहां पर मात्र 10 से लेकर 20 बजे ही दर्ज है । ऐसी शालाओं शिक्षकों की भर्ती करना विभाग के लिए चिता का कारण बना हुआ है । शालाओं को समीप के स्कूलों में मर्ज किया जाएगा । जबकि जहां ज्यादा बच्चे है , वहां पर शिक्षकों की भर्ती होगी । बच्चों की दर्ज संख्या का परीक करने के बाद ही पीईबी को पदों की संख्या भेजी जाएगी । बता दें कि वि ने पोर्टल में खामी को लेकर भी नाराजगी जताई है । स्कूलों में जो दर्ज संख्या है । वह पोर्टल पर नहीं दशाई जा रही है । पोर्टल पर मैपिंग संख्य दशाई जा रही है , जबकि शालाओं में दर्ज संख्या कहीं ज्यादा है । यही कारण है कि इस परीक्षा में विलय हुआ है । इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को कई बार पत्र भी लिखे गए , लेकिन इस कार्य में लापरवाही की गई है ।

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