Nios D.el.ed. अमान्यता के बाद अब आर्थिक आरक्षण लागू न करने पर घिरा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड। हाइकोर्ट करेगा निर्णय।

Nios D.el.ed. अमान्यता के बाद अब आर्थिक आरक्षण लागू न करने पर घिरा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड। हाईकोर्ट करेगा निर्णय।

एनआईओएस डीएलएड को यूपीटीईटी में लागू न करने को लेकर घिरा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अब और नए मामले में उलझ गया है।

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा ( यूपीटीईटी 2019 ) में आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल नहीं दिया गया है । आरक्षण का लाभ न मिलने के कारण इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है । हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने विनय कुमार पांडेय व अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर आदेश दिया है । याचिका में कहा गया है कि संसद ने संविधान के 103वें संशोधन के माध्यम से आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की संसद से मंजूरी मिलने के बाद इसकी अधिसूचना 18 फरवरी 2019 को जारी की गई है । यही नहीं , इसको लेकर प्रभावी कानून भी बनाएं जा चुके हैं । लेकिन इसके बाद भी राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों लिए आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की आयोग ने अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति , अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष आरक्षित वर्गों को न्यूनतम अंकों में पांच प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है । याचिका में कहा गया है कि यह विज्ञापन 18 फरवरी 2019 को जारी अधिसूचना के विपरीत है । याचिका के अनुसार यूपी टीईटी 2019 के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है । इसकी आवेदन तिथि की अंतिम तारीख 20 नवंबर 2019 है । ऐसे में आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है ।

यूपी टीईटी 2019 की आवेदन प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू हो गई है । इस बार अब तक करीब साढ़े पांच लाख अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण कराया है । पंजीकर अधिक होने के कारण अब परीक्षा संस्था ने दावेदारों से कहा है कि अंतिम तारीख बढ़ेगी नहीं । इसलिए तय समय में प्रक्रिया पूरी कर लें , अन्यथा अपूर्ण आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे और कोई प्रत्यावेदन मान्य नहीं होगा । इस बार पंजीकरण व आवेदन की प्रगति धीमी है । जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण करके फाइनल प्रिंट नहीं निकाल चुके हैं या फिर अब अभी तक आवेदन नहीं किया है । संस्था का कहना है कि सभी हर हाल में 20 नवंबर तक आवेदन प्रक्रिया को अंतिम रूप से पूर्ण कर लें और प्रिंट निकाल कर रख लें।

Nios D.el.ed. After the invalidation, Uttar Pradesh Basic Education Board is now surrounded by not implementing economic reservation. Hicourt will decide.

The Uttar Pradesh Board of Secondary Education is now embroiled in a new case, surrounded by the non-implementation of NIOS DLED in UPTET.

In Uttar Pradesh Teacher Eligibility Test (UPTET 2019), the economically backward candidates have not been given the benefit of 10 percent reservation. The Allahabad High Court has sought a response from the state government due to lack of reservation benefits. Justice Neeraj Tiwari of the High Court has ordered the petition of Vinay Kumar Pandey and other candidates. The petition states that its notification has been issued on 18 February 2019 after Parliament approved the provision of 10 percent reservation for economically backward classes through the 103rd amendment of the Constitution. Not only this, effective laws have also been made about this. But even after this, the State Government did not make any arrangement for reservation for economically backward candidates. The Commission has provided five percent relaxation in the minimum marks to SC / ST, OBC and special reserved classes. The petition states that this advertisement is contrary to the notification issued on 18 February 2019. According to the petition, the application process for UP TET 2019 has started. The last date for its application date is 20 November 2019. In such a situation, economically backward candidates are facing a lot of difficulties.

The application process of UP TET 2019 has started from 1 November. This time around five and a half lakh candidates have registered themselves. Due to the high registrar, now the examination institution has told the claimants that the last date will not be extended. So complete the process in due time, otherwise incomplete applications will be rejected and no representation will be valid. This time the progress of registration and application is slow. Candidates who have not completed the final print after completing the application process or have not yet applied. The organization says that in any case, by 20 November, the application process should be finally completed and print it out.

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