Nios D.eled. पर NCTE की अमान्यता के बाद मामला PM तक पहुंचा।

एनसीटीई द्वारा NIOS से किए गए डीएलएड कोर्स को सरकारी शिक्षक नौकरी में अमान्य कर दिए जाने से देशभर के 13 लाख निजी विद्यालय के शिक्षकों पर तलवार लटक गई है । दरअसल सरकार ने निजी विद्यालय के शिक्षकों त किए जाने के चलते राष्ट्रीय मुक्त विश्व विद्यालयीन संस्थान यानी NIOS ( किली से डीएलएड पाठ्यक्रम कराया , जिसका रिजल्ट हाल ही में जारी हुआ है । लेकिन निजी विद्यालय के शिक्षकों ने सरकारी शिक्षक की नौकरी की चाह में इस कोर्स में गहरी दिलचस्पी दिखाई । प्रदेश में गत माह संपन्न हुईवर्ग 2 कीशिक्षक पात्रता परीक्षा में भी NIOS को डिग्री के आधार पर हजारों ऐसे शिक्षकों ने परीक्षा भी दे दी है । अब उन्हें सरकारी नियुक्ति का इंतजार है । लेकिन एनसीटीई ने हाल ही में कह दिया है कि नीओस से डीएलएड सरकारी शिक्षक नौकरी में अमान्य है । और इसी के साथ भूचाल आ गया है और मामला केंद्रीय कैबिनेट व प्रधानमंत्री तक पहुंच गया है । प्राप्त जानकारी के अनुसर प्रदेश में करीब 3 लाख जवकि देशभर में 13 लाख निजी विद्यालयों के शिक्षकों ने नीओस से डीएलएड किया है । एनसीटीई के फैसले अब अभ्यर्थियों में चिंता व्याप्त हो गई दरअसल निजी विद्यालय के शिक्षकों ने नौकरी की आस में NIOS से डीएलाड किया कि उन्हें सरकारी भर्ती में इसकी मान्यता मिलेगी । लेकिन गत दिनों एनसीटीई ने इस पाठ्यक्रम को सरकारी शिक्षक नौकरी के लिए अमान्य कर दिया नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग( एनआईओएस ) की ओर से आयोजित विशेष डीएलएड को बतौर शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्यता न देने का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गया बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट प्रधानमंत्री ने इस मामले पर चिंता और मानव संसाधन विकास मंत्री पोखरियल निशंक को इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया । प्रधानमंत्री से निर्देश मिलने बाद निशंक ने अधिकारियों से इस बारे सभी पक्षसामने लाने को कहा है । राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षण संस्थान ( एनसीटीई एचआरडी मंत्री को मन्यता न देने फैसले के पीछे अतिरिक्त महाधिवक्ता की राय को आधार बताया है । वहीं एनआईओएस चेयरमैन प्रोफेसर सीबी शर्मा ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है । मालूम हो कि NIOS माध्यम से 15 महीने के डीएलएड कार्यक्रमको निजी विद्यालय के शिक्षकों लिए आयोजित किया गया था अप्रशिक्षित थे और शिक्ष के अधिकार कानून के चलते उनकी नौकरी जाने का खतरा था। साथ ही सरकारी नौकरी में लाभ को देखते हुए उहोंने एनआईओएस से यह कोर्स किया था इस पाठ्यक्रमको लेकर संसद में कनून पारित कर विशेष रूप से मंजूरी ली गई । कोर्स करने के बाद जब विहार निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने सरकारी भर्ती के लिए आवेदन किया तो बिहार सरकारने एनर मांगी कि शिक्षक भर्ती के लिए क्या नीओससे डीएलएड डिग्री योग्य है , तब एनसीटीई ने इस अमान्य बना दिया । अब यही स्थिति प्रदेश में भी उत्पन्न हो रही है , क्योंकि इस डिग्री के आधार पर गत माह हुईवर्ग दो शिक्षक की परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है ।

The NCTE has suspended the 13 lakh private school teachers across the country after the NIOS disqualified DLAD course in government teacher jobs. In fact, due to the private teachers being made by the government, the National Open World School Institute ie NIOS (Kili made a DLED course, the result of which has been released recently. But the private school teachers in search of government teacher jobs in this course Showed keen interest in. NIOS has been given thousands of ACEs on the basis of degree in the teacher qualification examination of class 2 which was completed last month in the state. The teachers have also given the exam. Now they are waiting for the government appointment. But NCTE has recently said that the DeLed government teacher job from Neos is invalid. Has reached the Prime Minister. According to the information received, about 3 lakhs of teachers in the state, 13 lakhs of private schools across the country have been deled by Neos. The decision of E has now become a concern among the candidates. In fact, private school teachers delead from NIOS that they will get recognition in the government recruitment. But the NCTE recently invalidated this course for government teacher job. Case of non-recognition of special DLEd as teacher appointment organized by Institute of Open Schooling (NIOS) Minority Report directed to take as soon as possible to decide on the matter Narendra Modi reached Wednesday Cabinet prime concern on this matter and HRM Pokriyl exhibit. After getting instructions from the Prime Minister, Nishank has asked the officials to bring all the views in this regard. The National Institute of Teacher Education (NCTE HRD Minister has given the opinion of the Additional Advocate General as the basis for the decision not to allow the Minister. NIOS Chairman Professor CB Sharma has asked for time to present his case. The program was organized for private school teachers, were untrained and lost their jobs due to the Right to Education Act. There was a danger of this. Also, in view of the benefits in the government job, he had done this course from NIOS and passed the law in Parliament about this course and special approval was taken. After the course, teachers teaching in the private schools of Vihar, government recruitment. When applied for, the Bihar government asked the Ener whether the NeoSeed D.El.D degree is eligible for teacher recruitment, then the NCTE made this invalid. End state also occur, because depending on the degree of the preceding month test Huiwarg two teachers thousands of candidates took the exam.

1 thought on “Nios D.eled. पर NCTE की अमान्यता के बाद मामला PM तक पहुंचा।”

  1. लोकेश

    प्रजातांत्रिक सरकार जब स्वार्थी हो हर व्वस्था से दुकानदारी करने को कहा जाए तो कल्याणकारी व्यवस्था नहीं चल पाती है।जब देश का प्रधानमंत्री बार-बार चाय ….का इस्तेमाल करें …।लगता है देश नहीं चाय स्टौल का ठेका ले रखे हों।उनपर बाँकी लोगों के उम्मीद की परवाह नहीं । nCTE और NIOS की अपनी दूकान है । न्याय पाने के लिए न्याय की दूकान का दरवाजा खटखटाया जाए ।वश!

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