Nios Deled 31 मार्च तक होगा 90 हजार शिक्षकों का नियोजन।

प्रारंभिक स्कूलों में करीब शिक्षकों के 90 हजार पदों पर नियोजन की प्रक्रिया पिछले कई महीनों से चल रही है . सरकार अब तक चार बार शिक्षकों के नियोजन का शेड्यूल बदल चुकी है और फिलहाल 31 मार्च 2020 तक योग्य अभ्यर्थियों के बीच नियोजन पत्र देने का लक्ष्य रखा है , लेकिन क्या ऐसा संभव है 2 दरअसल , पटना हाई कोर्ट ने 18 महीने का डीएलएड कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को भी शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है . ऐसे में सवाल उठता है कि अगर राज्य सरकार हाईकोर्ट के आदेश को अमल में लाती है तो क्या 31 मार्च तक शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी . क्योंकि , नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग यानी एनआईओएस से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 2 लाख से अधिक है .

हाईकोर्ट के आदेश को लेकर बिहार में शिक्षा विभाग फिलहाल विधि विभाग से परामर्श ले रहा है . हाईकोर्ट के आदेश से जहां डीएलएड अभ्यर्थी राहत महसूस कर रहे हैं , वहीं दूसरे अभ्यर्थी को नहीं लगता है कि अब 31 मार्च तक उन्हें नियोजन पत्र मिल सकेगा .

दरअसल , पिछले साल ही शिक्षा विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी कि अरसे से खाली पड़े शिक्षकों के पद को भरा जाएगा , जिसके बाद बिहार में कक्षा 1 से लेकर 8 तक और फिर कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक के लिए खाली पड़े पदों की भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई . इसी बीच शिक्षा विभाग ने एनसीटीइ के नियमों का हवाला देकर 18 महीने के डीएलएड कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षक नियोजन में शामिल होने की छूट नहीं दी . इसके बाद डीएलएड अभ्यर्थी हाईकोर्ट चले गए और हाईकोर्ट ने इन्हें राहत देते हुए शिक्षा विभाग से नियोजन प्रक्रिया में शामिल होने का आदेश दिया . अब सरकार भी हाईकोर्ट के फैसले पर विधि विभाग से सलाह ले रही है . शिक्षा विभाग के मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश को मानना सरकार का कर्तव्य है . विधि विभाग से परामर्श मांगा गया है . परामर्श मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू करेंगे .

विभाग से सलाह ले रही है . शिक्षा विभाग के मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश को मानना सरकार का कर्तव्य है . विधि विभाग से परामर्श मांगा गया है . परामर्श मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू करेंगे . अब सरकार के सामने संकट है कि डीएलएड की डिग्री लेने वाले 2 लाख से अधिक अभ्यर्थी हैं . अगर सरकार ने डीएलएड अभ्यर्थियों को शामिल करने का फैसला किया तो संभव है कि बिहार में एक बार शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया बढ़ जाएगी . बिहार में अगले कुछ महीने में प्रारंभिक स्कूलों में करीब 90 हजार जबकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में 37 हजार से ज्यादा पदों पर नियोजन यानी बहाली होने जा रही है . निश्चित रूप से बिहार में करीब सवा लाख युवा इससे लाभान्वित होंगे .

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